जानलेवा आशीर्वाद सनल इडामारुकू ने टीवी कार्यक्रम के माध्यम से एक पागल 'तांत्रिक' की भयानक गतिविधियों को बंद कराया..
पूर्वी बिहार में स्थित एक गाँव कटियार को शायद अपने चिकित्सा महाविद्यालय पर बहुत गर्व महसूस होता होगा ,लेकिन गाँव के आसपास रहने वाले हज़ारों लोग किसी के बीमार पड़ने पर उन्हे स्थानीय चिकित्सालय में ले जाने के बजाय तांत्रिक के पास ले जाना पसंद करते थे | ये तांत्रिक दावा करते है कि उनके पास वो जादू शक्ति है जिनसे मलेरिया से लेकर कुपोषण तक का इलाज संभव है | गाँव के ग़रीब और अनपढ़ लोगों का मानना था , कि बाबा जामुन यादव अपने पैरों के मध्यम से छोटे बच्चों मे दिव्य उर्जा हस्तांतरण करने मे सक्षम है, और ये लोग इस बर्बर कार्य को करने के लिए अनुमति देते थे | भारत के एक टीवी चैनल "हेडलाइन्स टुडे" ने इस क्रूर घटना को अपने कैमरे मे क़ैद किया, कि किस तरह ये बाबा अपने पैरों से उन मासूमों को रौन्दता था | वह अपने एक पैर से पूरा वजन उनकी जांघों और जननांगो पर डालता था और दूसरा पैर उनके गले पर डालता था | बच्चे पूरी ताक़त से चिल्लाते थे जब तक की उनका दम न निकलने लगे | यह कुछ भी नही है लैकिन धर्म की आड़ पर ये बच्चों को यातनाएँ देते थे और इस पागल आदमी की प्रक्रिया को किसी ने भी बंद नही करवाया | इसकी क्रूर हरकतों को न ही किसी गाँव वालों ने न ही किसी पुलिस वालों ने रोकने की कोशिश की कथित तौर पर ये क्रूरता २० सालों से की जा रही थी | अपराधकर्ता(बाबा) के जीवन यापन के लिए भ्रमित गाँव वाले उसके आशीर्वाद के बदले उसे उपहार और पैसा देते थे | ये कोई भी नही जानता था की कितने बच्चे इस उपचार के कारण किन ख़तरनाक चोटों से गुजर रहे हैं | कितने बच्चों की इस के कारण मौत हो गयी है और जो लोग जिंदा हैं वो इस डर के कारण मनोवैज्ञानिक बीमारी का शिकार हो गये होंगे |
‘हेडलाइन्स टुडे’ ने इस तांत्रिक के पागलपन को रोकने और इसके खिलाफ कार्यवाही करने के लिए सनल इडामारुकू को अपने लाइव कार्यक्रम में बुलाया | उन्होने धर्म के नाम पर हो रहे अपराध को बर्दास्त करने के लिए अधिकारियों पर आरोप लगाया | कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बताया की बिहार के स्वास्थ मंत्री ने धर्म और आस्था से जुड़ी किसी भी घटना पर कार्यवाही करने से इनकार कर दिया | निखिल चौधरी जो भारतीय संसद के सदस्य (भाजपा से )है और कटियार जिले से निर्वाचित हुए थे | उन्होने कहा यदि हिंदुओं को इस अनुष्ठान से लाभ मिलता है तो इस तरह के प्रदर्शन से इलाज करना सही है | उन्होने इस स्थानीय परंपरा की बर्बरता का सम्मान करने में ज़रा भी संकोच नही किया | सनल ने इस कार्यक्रम में शंकराचार्य स्वामी ,जो आध्यमिक गुरु और काशी सुमेरू पीठ के प्रमुख पुजारी थे,फ़ोन द्वारा दबाब डाला कि लोंगों के बीच उनका जो प्रभाव है ,लोग उन्हे बहुत मानते हैं ,उसका प्रयोग करें और इस ख़तरनाक अंधविश्वास को बंद कराएँ | इस कार्यक्रम का भारी प्रभाव बना और २४ घंटे के बाद तांत्रिक को बच्चों की यातना के लिए गिरफ्तार कर लिया गया | हिन्दी अनुवादक - दीपाली सिन्हा |